January 12, 2026
Life Style

23 साल बाद मकर संक्रांति पर एकादशी का संगम — जानें पूजा का सर्वोत्तम समय

1-37d967fc

भारत में तिथि और त्योहारों का अपना एक वैज्ञानिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इनमें से मकर संक्रांति और एकादशी दोनों हिंदू धर्म में बेहद पवित्र मानी जाती हैं। लेकिन 23 साल बाद जब यह दोनों तिथियां एक साथ आती हैं, तो इसका धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक महत्व दोगुना हो जाता है। ऐसे संभावित दुर्लभ संयोजन को देखकर भक्तगण पूजा, व्रत और ध्यान के लिए विशेष रूप से उत्सुक होते हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर एकादशी का संगम क्यों खास है, इसका धार्मिक महत्व क्या है, पूजा विधि कैसी होती है, और पजा का सर्वोत्तम समय (मुहूर्त) कब है।

मकर संक्रांति और एकादशी — क्या है खास?

मकर संक्रांति हिंदू पंचांग के अनुसार उस समय मनाई जाती है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। यह दिन उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है — यानी सूरज की गति उत्तर की ओर बढ़ती है। यह सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और नयी शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

दूसरी तरफ एकादशी हिंदू कैलेंडर की एक पवित्र तिथि है जो प्रत्येक मास के 11वें दिन आती है। इसे व्रत, उपवास और ध्यान का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन की पूजा से मन की शांति, पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

इन दोनों पवित्र तिथियों का एक साथ मिलना (संगम) बेहद दुर्लभ होता है, और इसलिए इसे शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा 23 साल बाद होने वाला यह संयोजन ज्योतिष और धर्म दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है।

धार्मिक महत्व

  1. उत्तरायण का आरंभ: मकर संक्रांति सूरज के उत्तरायण में प्रवेश का संकेत देती है — यह माना जाता है कि इस समय देवताओं की कृपा सर्वाधिक होती है।

  2. एकादशी का प्रभाव: एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा का फल दोगुना माना जाता है। भक्तजन इस दिन व्रत, ध्यान, भजन और कीर्तन में लीन रहते हैं।

  3. पापों से मुक्ति: एकादशी का व्रत पापों का नाश और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रदान करता है।

  4. दुर्लभ योग: मकर संक्रांति और एकादशी का संगम आने वाले समय में कम ही देखने को मिलता है, इसलिए यह समय विशेष फलदायी माना जाता है।

पूजा का सर्वोत्तम समय (MUHURT)

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से पूजा, व्रत और दान का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस विशेष संगम के दिन शुभ मुहूर्त (पूजा का सर्वाधिक फलदायी समय) नीचे दिए गए हैं:

  • मकर संक्रांति का समय: सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शुभता को दर्शाता है। यह समय निश्चित करने के लिए पंचांग देखना आवश्यक है।

  • एकादशी काल: प्रातः से दोपहर तक — विशेषकर सूर्योदय के बाद से महानिष्ठा तक — पूजा और व्रत की शुरुआत श्रेष्ठ मानी जाती है।

  • निशीथ काल: मध्यरात्रि से पूर्व का समय, जब चंद्रमा की स्थिति भी सहयोगी हो, तो ध्यान/पूजा में मन की शांति बढ़ती है।

सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग और ज्योतिष आधारित गणना के अनुसार नजदीकी पंडित से अवश्य पूछें।

पूजा विधि और पवित्र उपाय

1. सरसों के तेल का दीपक : मकर संक्रांति पर सरसों के तेल का दीपक जलाना प्रचलित परंपरा है। दिन में सूर्य की उपासना के साथ दीपक प्रज्ज्वलित करें।

2. एकादशी व्रत : एकादशी के दिन फलाहार, दूध, फल, हल्का भोजन — या पूर्ण उपवास — व्रत का हिस्सा होते हैं। सुबह उठकर स्वच्छ जल से स्नान करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।

3. दान और सेवा : इस शुभ दिन पर अनाज, कपड़े, मिठाई या तुलसी का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

4. भजन, कीर्तन एवं ध्यान : एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु और सूर्य देव की आराधना से मानसिक शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।

मकर संक्रांति पर विशेष प्रथा

  • तिल और गुड़ के लड्डू प्रसाद के रूप में बांटना — जो मिठास, एकता और ऊर्जा का प्रतीक है।

  • नदी या सरोवर के किनारे स्नान करना — पुराणों के अनुसार यह पापों से मुक्ति का मार्ग है।

निष्कर्ष: यह संगम क्यों है अद्वितीय

23 साल बाद मकर संक्रांति और एकादशी का संगम एक दुर्लभ ज्योतिषीय और धार्मिक अवसर है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ है बल्कि आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा, ध्यान, दान और सेवा — सभी क्रियाओं से भक्तगण अपने जीवन में संतोष, समृद्धि और आशीर्वाद की अनुभूति कर सकते हैं।

यदि आप इस वर्ष इस संगम का लाभ उठाने का सोच रहे हैं, तो समय की पाबंदी, मुहूर्त की सम्यक जानकारी और शास्त्रीय पूजा विधि का अनुसरण अवश्य करें।

Related posts

Top 10 Best Cities to Live in India in 2025

Sonam Rawat

25 राज्य मिलकर ऐसे करेंगे रामलला का अभिवादन, जानें कैसी है तैयारियां

Anjali Sharma

Amazon-Flipkart Sale का अर्ली एक्सेस शुरू, मिल रहा है 80% तक का डिस्काउंट

Payal Arora

Leave a Comment